प्रदूषण पर चुप्पी के विरोध में नाले का नाम रखा ‘राजू वसावे नाला’, अब आंदोलन की चेतावनी”

बोईसर, 23 अप्रैल 2025 – आज बोईसर में नाला क्रमांक एक का नाम ‘राजू वसावे नाला’ रखे जाने का नामकरण कार्यक्रम स्थानीय लोगों द्वारा आयोजित किया गया। यह नामकरण विरोध स्वरूप किया गया, क्योंकि नागरिकों का आरोप है कि उप-प्रादेशिक अधिकारी राजू वसावे द्वारा बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रदूषण की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


कार्यक्रम में अभिनय दिनेश चौधरी, निलेश विचारे, प्रमोद गजबे, महेश धोडी और अन्य नागरिक मौजूद थे। सभी ने यह प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए नाले को राजू वसावे के नाम से जोड़कर अपना विरोध जताया।

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अभिनय दिनेश चौधरी ने चेतावनी दी –
“अगर अगले 8 दिनों में प्रदूषण रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो हम सभी – मैं, निलेश विचारे, प्रमोद गजबे, महेश धोडी – कपड़े उतारकर उसी केमिकल युक्त तलाब में उतरकर आंदोलन करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा –
“अगर इस दौरान किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उप-प्रादेशिक अधिकारी राजू वसावे की होगी।”

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला और तलाब में केमिकल युक्त पानी छोड़े जाने के कारण क्षेत्र में बदबू, बीमारियाँ और अस्वच्छता फैली हुई है, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है।

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राहुल नगर में नाले को मिट्टी से बंद किया गया, स्थानीय लोग परेशान; ग्राम पंचायत पर भी उठे सवाल

तारापुर के राहुल नगर में गंदे पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कल शाम कुछ लोगों ने नाले में बह रहे पानी को मिट्टी डालकर बंद कर दिया, जिससे पूरे इलाके में पानी सड़कों पर भर गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या के कारण दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है, जिससे उनका जीवन प्रभावित हो रहा है।

जब इस मामले पर ग्राम पंचायत से बात की गई, तो मयूर पाटिल ने कहा कि इस समस्या से पंचायत का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने साफ किया, “हमने बिल्डर के खिलाफ पहले ही कोर्ट में केस दायर किया है। कल जिन लोगों ने नाले को मिट्टी से बंद किया, उनसे पंचायत का कोई संबंध नहीं है।”
स्थानीय निवासियों ने समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और खराब हो सकती है। ग्राम पंचायत से इस मामले में ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।

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