पालघर | जागरूक पालघर संवाददाता मुंबई एमआईडीसी पुलिस ने पालघर जिले के तारापुर MIDC इलाके में फार्मास्युटिकल्स लैब की आड़ में चल रही एक एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 36 लाख 57 हजार रुपए की एमडी ड्रग्स, दो मोटरसाइकिलें और छह मोबाइल फोन समेत कुल 50 लाख रुपए से ज्यादा का माल जब्त किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों – फरहान गुलजार (36), प्रतीक सुदर्शन जाधव (24) और विजय राजाराम खटके (43) को गिरफ्तार किया है।परिमंडल-10 के डीसीपी दत्ता नलावडे ने जानकारी देते हुए बताया कि ड्रग्स फैक्ट्री पालघर के बोईसर स्थित प्रोकेम फार्मास्युटिकल्स लैब में चलाई जा रही थी, जहां एमडी ड्रग्स तैयार कर उसे मुंबई समेत विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
ऐसे हुआ खुलासा
7 जून की रात करीब 11:45 बजे एमआईडीसी पुलिस की गश्त के दौरान एक स्कोडा कार पम्प हाउस सबवे से कनोसा जंक्शन की ओर संदिग्ध हालत में जाती दिखी। पुलिस ने कार को रोका और तलाशी लेने पर ड्राइवर फरहान गुलजार खान के पास से 71 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 2.80 लाख रुपए आंकी गई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि फरहान के खिलाफ मुंबई के अलग-अलग थानों में 13 मामले दर्ज हैं। आगे की जांच में फरहान से ड्रग्स सप्लाई करने वाले प्रतीक जाधव का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने पालघर से गिरफ्तार किया। उसके पास से 215 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली, जिसकी कीमत 8.60 लाख रुपए है।
दोनों आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने पालघर के तारापुर MIDC स्थित प मीना j 114 पर छापा मारा, जहां से विजय खटके को गिरफ्तार किया गया। फैक्ट्री से 11.20 लाख रुपए की ड्रग्स, कच्चा माल और अन्य उपकरण बरामद हुए।
कोर्ट ने भेजा 7 दिन की पुलिस हिरासत में
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को मंगलवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जांच तेज कर रही है।
पालघर : काही काळासाठी स्थगित करण्यात आलेल्या राजू वसावे तलावाच्या नामांकरण सोहळ्याला येत्या सोमवारपासून पुन्हा सुरुवात होणार आहे. ‘ऑपरेशन राजू वसावे’ या विशेष मोहिमेअंतर्गत तलावाचे नामकरण करण्याची प्रक्रिया सुरू करण्यात आली होती, मात्र काही प्रशासनिक कारणांमुळे ती थांबवण्यात आली होती.
सोमवारी सकाळी १० वाजता नामकरण सोहळा पार पडणार असून, यावेळी स्थानिक लोकप्रतिनिधी, सामाजिक कार्यकर्ते व नागरिक मोठ्या संख्येने उपस्थित राहणार आहेत. प्रशासनाकडून आवश्यक त्या सर्व परवानग्या मिळवून कार्यक्रम आयोजित केला जाणार आहे.
जागरुक पालघर या माध्यमातून या कार्यक्रमाची अधिक माहिती व कव्हरेज लवकरच दिली जाणार आहे.
तारापुर: औद्योगिक क्षेत्र तारापुर MIDC में बढ़ते प्रदूषण और अधिकारियों की निष्क्रियता के खिलाफ जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज 1 एप्रिल 2025 को माननीय राजू वसावे साहेब तलाव क्रमांक 2 का उद्घाटन किया गया। यह तलाव प्रतीकात्मक रूप से महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के उपप्रादेशिक अधिकारी राजू वसावे के नाम पर रखा गया है, जिन पर टैंकर माफिया और केमिकल माफिया से मिलीभगत कर प्रदूषणकारी उद्योगों पर कार्रवाई न करने का आरोप है।
जनता का सीधा संदेश – जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक आंदोलन जारी
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक राजू वसावे खुद इन माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि MPCB के अधिकारी उद्योगों के दबाव में आकर प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
संजीवनी वाईल्ड लाइफ फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिनय दिनेश चौधरी ने कहा, “मैं पास्थळ गांव का एक जिम्मेदार नागरिक हूं और पर्यावरण तथा वायु प्रदूषण की यह हानि चुपचाप नहीं देख सकता। इसलिए, इस आंदोलन के माध्यम से मैं सभी स्थानीय नागरिकों को अपने भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट होने और आवाज उठाने के लिए प्रेरित कर रहा हूं।”
स्थानीय लोगों ने अपील की है कि राजू वसावे जैसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सभी नागरिक एकजुट होकर मजबूती से खड़े हों। यदि MPCB ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और तेज होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और प्रशासन इस विरोध को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और क्या MPCB अधिकारी राजू वसावे पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
तारापुर एमआईडीसी में प्रदूषणकारी कंपनियों द्वारा घातक रसायन छोड़ने से क्षेत्र में गंभीर जलभराव और जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संस्थाओं में भारी आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के रूप में ग्रामीणों ने इस जलभराव वाले स्थान को तालाब घोषित कर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के अधिकारी एसआरओ राजू वसावे के नाम पर ‘तालाब’ का उद्घाटन कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एमआईडीसी की कई कंपनियां रसायनयुक्त पानी को खुले में छोड़ रही हैं, जिससे क्षेत्र में जलभराव जैसी स्थिति बन गई है। इस पानी से गांवों के जलस्रोत भी दूषित हो रहे हैं, जिससे लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के अधिकारी एसआरओ राजू वसावे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि राजू वसावे कंपनियों से मिलीभगत कर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस विरोध के जरिए उन्होंने एमपीसीबी और सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की मांग
प्रदूषणकारी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो।
राजू वसावे जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया जाए।
प्रभावित क्षेत्रों में जलशुद्धिकरण की उचित व्यवस्था की जाए।
गांवों के जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन से एमपीसीबी और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है या फिर यह विरोध और उग्र होगा।